सरकार ने जो गाइडलाइन प्रस्तावित की है, उसमें व्यवस्था है कि ऐसे मामलों में कार्रवाई से पहले पुलिस अधीक्षक स्तर का एक अधिकारी मामले की जांच कर ले कि वास्तव में राजद्रोह का मामला बनता है या नहीं. लेकिन यह व्यावहारिक रूप में निरर्थक है. पुलिस अधीक्षक तो उसी सरकार […]

पुलिस के मुताबिक़ ग्यारह हिन्दू लड़कों ने मुसलमानों का वेश बनाकर अयोध्या की तीन प्रमुख मस्जिदों में जानवर का मांस, धर्मग्रंथ के फटे पन्ने और आपत्तिजनक पर्चे फेंके. इनकी ये आपराधिक हरकतें सीसीटीवी कैमरों में क़ैद हो गयीं, इसलिए पुलिस ने बहुत जल्दी ही षड्यंत्र का पर्दाफ़ाश करके सात आरोपियों […]

ज़रूरी है कि हम अपने पड़ोस, गांव और मोहल्ले में विभिन्न धर्मों और समुदायों के बीच शांतिपूर्ण सहअस्तित्व का महत्व समझायें और इसके अनुकूल माहौल बनायें, निगरानी समितियां बनायें और जो लोग भारत को पाकिस्तान की राह पर ले जाना चाहते हैं, उनके इरादों को जड़मूल से नष्ट करें. सुख […]

सरकार ने अब खादी के मर्म स्थान पर चोट की है. महात्मा गांधी के अपने सेवाग्राम आश्रम को एक नोटिस देकर कहा गया है कि सरकार से खादी मार्क का प्रमाणपत्र न लेने के कारण उनका उत्पादन अवैध यानि ग़ैरक़ानूनी है. संस्था को अपना उत्पादन और बिक्री बंद करने का […]

इस बात पर गहन मंथन होना चाहिए कि दूध न देने वाली गायों का लोगों के घरों में पालन- पोषण कैसे हो। हम खेती, सिंचाई, कटाई और मड़ाई किस तरह करें कि उसमें बैलों का उपयोग हो और अनाज के साथ भूसा भी घर पहुंचे। हर गांव और क़स्बे में […]

सरकारी बुलडोजर साबरमती आश्रम में गांधी की विरासत को ध्वस्त करने का काम शुरू कर चुके हैं। चंपारण से गांधी की प्रतिमाओं को तोड़ने की खबरें आ रही हैं। देश की हर अदालत में न्याय अधिष्ठान के पीछे गांधी की फोटो लगती है, लेकिन साबरमती आश्रम का ध्वंस रोकने के […]

सरकारी और संगठित क्षेत्र में बहुत सीमित रोज़गार है, इसलिए ज़रूरी है कि जो जहां पैदा हुआ, जहां उसका घर है,उसे वहीं उसके दर पर कोई सम्माजनक रोज़गार मिले। यह सम्भव है अगर हम अपनी राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था का विकेंद्रीकरण करें। अलग अलग भौगोलिक,आर्थिक, सांस्कृतिक क्षेत्र के अनुसार स्वायत्तशासी […]

गंगा को निर्मल ही नहीं करना है, उससे जुड़े सभी का अधिकार ही नहीं संरक्षित करना है, बल्कि उसकी अविरल धारा को भी बनाये रखने की जरूरत है। विकास के नाम पर गंगा पर बने 900 से अधिक बांध एवं बैराज गंगा के प्रवाह को बाधित कर रहे हैं। बिना […]

गांधी की हत्या आज भी जारी है, क्योंकि वे सर्वधर्म समभाव को खत्म करना चाहते हैं (मुस्लिम विरोध), आरक्षण खत्म करना चाहते हैं (दलित व पिछड़ा वर्ग का विरोध) एवं वैश्विक पूंजीवादी नव साम्राज्यवाद (यानी कारपोरेटी उपनिवेशवाद) का समर्थन करना चाहते हैं। और, यह तभी संभव है, जब गांधी विचार […]

गांधी जी प्रणीत अहिंसक क्रांति के रचनात्मक कार्यक्रमों की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि आप आज से, अभी से अपना स्वराज्य स्थापित करना शुरू कर सकते हैं। राज-सत्ता के परिवर्तन का इंतजार करने की जरूरत नहीं होती। गांधीजी प्रणीत अहिंसक क्रांति का एक महत्त्वपूर्ण पक्ष था वैकल्पिक रचना का। […]

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