बंगलुरू की बाढ़ बढ़ते शहरीकरण के कारण हमारे शहर अधिक जोखिम में हैं, क्योंकि शहरों में मानव जीवन का नुकसान, संपत्ति की क्षति और आर्थिक नुकसान की मात्रा ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में अधिक है। मुंबई, कोलकाता, बंगलुरु, दिल्ली और चेन्नई जैसे शहर लाखों लोगों के घर हैं और यहाँ […]

हज़ारों साल नर्गिस अपनी बेनूरी पे रोती है, बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदावर पैदा।– अल्लामा इक़बाल सिद्धांतों के बिना राजनीति, परिश्रम के बिना संपत्ति, अंतरात्‍मा के बिना आनंद, चरित्र के बिना ज्ञान, नैतिकता के बिना वाणिज्‍य, मानवता के बिना विज्ञान और त्‍याग के बिना पूजा को सप्तसामाजिक […]

सुधीर चन्द्र ने एक किताब लिखी थी- गांधी एक असम्भव संभावना. यह किताब गांधी के अंतिम दिनों का मार्मिक दस्तावेज है. लेकिन बात केवल अंतिम दिनों की नहीं, आज हम गांधी की जिन्दगी से जुड़े सबसे मुश्किल सवालों पर चर्चा करेंगे. क्या गांधी ने अपने जीवन के आखिरी दिनों में […]

ये ‘गुजरात माॅडल’ है! आज ही खबर छपी है कि जमशेदपुर, झारखंड की एक अदालत ने जेल के अंदर हुई एक हत्या के 15 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है. कुछ को दस साल कैद की सजा मिली है. निजी तौर पर मैं मृत्युदंड का विरोधी हूं, मगर यह […]

विश्व के लगभग हर कोने में दही का सेवन अनेक रूपों में किया जाता है। रूस के जार्जिया एवं बुल्गारिया आदि के लोग आज भी दही के नियमित सेवन के कारण एक सौ वर्ष से ज्यादा उम्र को पार कर जाते हैं। वैज्ञानिकों ने यह सिद्ध कर दिया है कि […]

जवाहर भवन में शांति और सद्भावना सम्मेलन खुदाई खिदमतगार और हम सब सहमत इत्यादि संस्थाओं द्वारा 25 जुलाई को दिल्ली स्थित जवाहर भवन में एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया. गांधी जी की पौत्री तारा गांधी भट्टाचार्य, रैमन मैग्सेसे अवार्डी सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पांडेय, गांधीवादी विचारक रमेश शर्मा तथा […]

अभिव्यक्ति की आजादी पर संकट अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र की पहली सीढ़ी है। यदि इस सीढ़ी को ही ढहा दिया जाए तो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व की मंजिल का सफर दुरूह हो जाएगा। पिछले कुछ वर्षों से इस देश में बोलने की आजादी को प्रशासनिक महकमों और सत्ता संस्थानों द्वारा […]

सर्वधर्म समभाव के पीछे जो सभी जीवों को अपना लेने का भाव है, वह हमें सभी मनुष्यों की समानता से आगे सभी जीवों की एकता तक ले जाता है। वास्तव में प्रकृति की एकता का जो आध्यात्मिक मूल्य और वैज्ञानिक अनुसंधान है, उसी में से मनुष्य समाज के लिए सर्वधर्म […]

बाबा ने सभी से कहा कि आपने बहुत शौर्य दिखाया, अब अक्ल भी दिखानी चाहिए। यह काम मानव को करना ही न पड़े, यह अक्ल अब सूझनी चाहिए। सबको मिलकर इसका उपाय ढूंढना चाहिए कि मेहतर को भी यह काम न करना पड़े, तभी भंगीमुक्ति का कार्य हो सकेगा। बाबा […]

गंगोत्री घाटी के कोपांग में आईटीबीपी चौकी के समीप यह एक ऐसा अद्भुत और अलौकिक वृक्ष है, जो एक ही वृक्ष में देवदार के बीस विशाल वृक्ष समेटे हुए है। जमीन से ऊपर उठता हुआ मुख्य तना और उसके ऊपर से निकलती इसकी बीस शाखाएं, जो बीस की बीस अपने […]

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