2 अक्टूबर से नफरत छोड़ो-भारत जोड़ो अभियान का आगाज़

गांधीजी शहादत दिवस; 30 जनवरी-2023 को राजघाट, दिल्ली में होगा समापन

‘नफरत छोड़ो-भारत जोड़ो’ अभियान के तहत राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रम तय करने के लिए दिल्ली स्थित गांधी शांति प्रतिष्ठान में 19 अगस्त को एक बैठक हुई। इस बैठक में 22 जन संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में 2 अक्टूबर से 26 नवंबर के बीच देश के सभी जिलों में 75 किलोमीटर की जिला स्तरीय पद यात्रा करने का निर्णय लिया गया। देश के विभिन्न राज्यों से दिल्ली पहुंचकर 30 जनवरी को मार्च का आयोजन होगा।

‘नफरत छोड़ो-भारत जोड़ो’ अभियान ने देश के सभी किसान, मजदूर, नागरिक, दलित, आदिवासी, महिला तथा अल्पसंख्यक संगठनों के साथ-साथ भाजपा की कारपोरेट समर्थक विभाजनकारी और नफरत फैलाने वाली नीतियों का विरोध करने वाले सभी विपक्षी दलों से अपील की है कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी करें। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विपक्षी दलों द्वारा इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए जो भी कार्यक्रम किए जाएंगे, उनका अभियान द्वारा स्वागत और समर्थन किया जाएगा। इस संदर्भ में अभियान, कांग्रेस द्वारा 7 सितंबर से प्रस्तावित कन्याकुमारी से कश्मीर तक ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का स्वागत करता है। अभियान से जुड़े सभी संगठनों से अपील है कि वे अपने अपने क्षेत्र में अपने तरीके से ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का स्वागत और समर्थन करें।


इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश में समता, एकता और मानवीयता को खत्म करने की आज जो कोशिशें हो रही हैं, उन्हें विफल करना और नफरत की जगह मोहब्बत फैलाना है. यह नफरत देशभर में इसलिए फैलायी जा रही है, ताकि बेरोजगारी, महंगाई, जातीय हिंसा, महिलाओं पर अत्याचार, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर कोई सवाल न उठाने पाए. किसानों और मजदूरों के दमन के लिए रोज कानूनों में बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि बड़ी कंपनियां और उनके मालिक लूट मचा सकें. हमारी लड़ाई लोकतंत्र को बचाने और संवैधानिक अधिकार पाने की है.
बैठक में मुंबई और बनारस, दोनों कार्यक्रमों की रपट पेश की गई और धर्मनिरपेक्षता के लिए काम करने वाले संगठनों से बातचीत करके उन्हें इस अभियान से जोड़ने तथा अभियान के कार्यक्रमों का संयोजन करने के लिए 22 संगठनों के प्रतिनिधियों की एक संयोजन समिति बनाई गई।
संयोजन समिति में जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय, खुदाई खिदमतगार, स्वराज अभियान, सतर्क नागरिक संगठन, लोक शासन आंदोलन, ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन, समाजवादी समागम, पीयूसीएल, सीएफडी, राजस्थान समग्र सेवा संघ, भारत बचाओ आंदोलन, ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज, बहुजन समन्वय समिति, राष्ट्रीय बहुजन सामाजिक परिसंघ, सोसायटी फॉर कम्युनल हारमोनी, सांझा संस्कृति मंच, सद्भावना मंच, लोक समिति, नर्मदा बचाओ आंदोलन, श्रमिक जनता संघ, ज्वाइंट एक्शन कमिटी बीएचयू तथा किसान संघर्ष समिति के एक-एक प्रतिनिधि शामिल होंगे।

मुंबई रपट में बताया गया कि 9 अगस्त 2022 को मुंबई में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ जीजी परीख, दत्ता गांधी, मेधा पाटकर, हिमांशु कुमार, तुषार गांधी, डॉ सुनीलम एवम मुंबई के समाजवादियों के नेतृत्व में ‘नफरतों! भारत छोड़ो’ मार्च गिरगांव चौपाटी से अगस्त क्रांति मैदान तक निकाला गया, उसके बाद आम सभा आयोजित की गई।

बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने वाराणसी समागम में तय हुए कार्यक्रमों में बढ़ चढ़ कर भागीदारी करने का निर्णय लिया। बैठक में जस्टिस बीजे कोलसे पाटिल, अली अनवर अंसारी, मेधा पाटकर, मणिमाला, अजीत झा, योगेंद्र यादव, डॉ सुनीलम, फिरोज मीठीबोरवाला, अरुण श्रीवास्तव, कमल किशोर कटेरिया, डॉक्टर आनंद प्रकाश तिवारी, थॉमस मैथ्यू, सवाई सिंह, सुनीति सुर, शाहिद कमाल, पुतुल कुमारी, जागृति राही, ऋतु कौशिक, मुकेश कुमार, दिवाकर बीएचयू, कपिल, राजेंद्र रवि, फैजल खान, हैदर मुजीब, शशि कुमार झा, रमजान चौधरी, प्रबल प्रताप शाही, सैयद मोहम्मद वाहिद, एस हुसैन वाहिद, चंद्रवीर सिंह, गोपाल कृष्ण अदलखा ,तारकेश्वरी नेगी, शाहिद कमाल, सुनील कश्यप, जय किरण प्रसाद, शांतनु सिंह, रोशन, धनंजय, आकाश, सानिया अनवर, अंजलि, अमिता, रणधीर कुमार गौतम, गुड्डी आदि शामिल हुए।

-फिरोज मीठीबोरवाला

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