देश में सांप्रदायिक सद्भावना की जरूरत

सद्भावना समाज का पहला राष्ट्रीय अधिवेशन संपन्न

सांप्रदायिक सद्भाव समाज (सोसायटी फॉर कम्युनल हार्मनी) का एकदिवसीय प्रथम राष्ट्रीय अधिवेशन 5 फरवरी को नई दिल्ली के राजेंद्र भवन में आयोजित किया गया। अधिवेशन में दिल्ली सहित देश के कई राज्यों से आये प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। अधिवेशन के प्रथम सत्र की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्राध्यापक तथा शिक्षाविद डॉ अनिल मिश्रा ने की। रमेश शर्मा ने एक क्रांतिकारी गीत प्रस्तुत किया। सांप्रदायिक सद्भाव समाज की डॉ मेधा पुष्कर ने सांप्रदायिक सद्भाव के लिए भजन की महत्ता बताई। गांधीजी के प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ पराई जानी रे’ से अधिवेशन की शुरुआत हुई।


सद्भावना समाज के अध्यक्ष प्रो आनंद कुमार ने अपने स्वागत भाषण में सद्भावना समाज के स्थापना काल से लेकर अबतक की गतिविधियों तथा कार्यों की चर्चा की। प्रसिद्ध शिक्षाविद तथा इतिहासकार डॉ गार्गी चक्रवर्ती ने अपने बीज वक्तव्य में देश में सांप्रदायिक सद्भावना की जरूरत पर विस्तार से प्रकाश डाला और आरएसएस तथा हिंदुत्ववादी शक्तियों द्वारा इतिहास को गलत ढंग से प्रस्तुत कर देश के संविधान तथा उसके लोकतांत्रिक व धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को खत्म करने की साजिश का पर्दाफाश किया। उन्होंने सुभाष चंद्र बोस, डॉ भीमराव आंबेडकर तथा सरदार वल्लभ भाई पटेल के धर्मनिरपेक्षता के संबंध में कथनों का उल्लेख कर यह बताया कि आरएसएस, हिंदुत्ववादी शक्तियां तथा मोदी सरकार कैसे इन महापुरुषों को अपनाने के नाम पर झूठ फैलाकर देश की जनता को गुमराह कर रही है, जबकि इनका उनके विचारों से दूर-दूर का रिश्ता नहीं है।

अधिवेशन में किसान नेताओं तथा देश में सद्भावना के लिए सतत कार्यशील लोगों का सम्मान किया गया। जामिया मिलिया इस्लामिया के प्रोफेसर अरविंदर अंसारी ने कार्यक्रम का संचालन किया। सद्भावना समाज की राष्ट्रीय टास्क फोर्स के सचिव शशि शेखर प्रसाद सिंह ने उद्घाटन सत्र के अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया।

अधिवेशन के दूसरे सत्र में अनिल श्रीवास्तव द्वारा बनाये गए सांप्रदायिक सद्भावना समाज के पोर्टल का लोकार्पण किया गया। इस सत्र में प्रो प्रेम सिंह, प्रसिद्ध पत्रकार कुरबान अली, प्रसिद्ध वकील अनिल नौरिया, खुदाई खिदमतगार के रिजवान तथा शशि शेखर प्रसाद सिंह ने अपने विचार रखे। प्रसिद्ध पत्रकार तथा पब्लिक इंडिया यूट्यूब चैनल के संस्थापक आनंद वर्द्धन सिंह ने इस सत्र का संचालन किया।

लंच के बाद के सत्र में अधिवेशन में आये प्रतिनिधियों का संवाद हुआ, जिसमें खुदाई खिदमतगार के फैजल ख़ान, सांप्रदायिक सद्भावना समाज की बिहार इकाई के प्रमुख गगन गौरव, सुधीर गंगोत्रा, रामशरण, प्रसिद्ध पत्रकार अरुण त्रिपाठी, समाजवादी नेता रमाशंकर सिंह, शाहिद कमाल, महिपाल आदि ने देश में सांप्रदायिक सद्भावना का निर्माण कैसे किया जाए, इस पर अपने विचार रखे। इसी सत्र में गांधी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष कुमार प्रशांत, फैजल ख़ान, प्रो प्रेम सिंह, पीयूसीएल के एनडी पंचोली, योजना आयोग की पूर्व सदस्य सईदा हमीद आदि को प्रो आनंद कुमार द्वारा उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सांप्रदायिक सद्भावना समाज की राष्ट्रीय टास्क फोर्स के संयोजक के विजय राव द्वारा प्रो आनंद कुमार का सम्मान किया गया। प्रो आनंद कुमार तथा कुमार प्रशांत ने सांप्रदायिक सद्भाव समाज द्वारा आयोजित राष्ट्रीय वाद-विवाद प्रतियोगिता तथा राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता के विजेता युवाओं को पुरस्कार वितरित किया। आयोजन समिति के सदस्य रणधीर गौतम दोनों प्रतियोगिताओं के आयोजक थे। सत्र का संचालन के विजय राव ने किया और अधिवेशन के अंत में प्रो अरविंदर अंसारी द्वारा सांप्रदायिक सद्भाव की खातिर कार्य करने के लिए प्रतिनिधियों को शपथ दिलाई गयी।

– रणधीर गौतम

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