भारतीय संविधान की प्रस्तावना में स्वतंत्रता को मनुष्य का एक ऐसा प्राकृतिक अधिकार बताया गया है, जिसका हरण नहीं किया जा सकता है और न ही कोई भी संस्था या सरकार नागरिकों को इस अधिकार से वंचित कर सकती है। यह बात “हम और हमारा संविधान” विषय पर महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित चार […]

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